हम दलित नहीं

60.00

मनोहर लाल ‘प्रेमी’ की पुस्तक ‘हम दलित नहीं’ जाति, सामाजिक असमानता और पहचान के प्रश्नों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है।

विवरण

हम दलित नहीं मनोहर लाल ‘प्रेमी’ का आंबेडकरवादी विचार एवं काव्य-संग्रह है। यह पुस्तक सामाजिक असमानता, जाति-व्यवस्था, मनुष्य की गरिमा और समानता के प्रश्नों को आंबेडकरवादी दृष्टि से सामने रखती है।

पुस्तक में संकलित रचनाएँ सामाजिक भेदभाव और असमानता की संरचनाओं पर प्रश्न उठाते हुए समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय की स्थापना की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। कवि सामाजिक यथार्थ को केवल अभिव्यक्ति का विषय नहीं बनाते, बल्कि उसके भीतर मौजूद असमान संबंधों और मानवीय गरिमा के प्रश्नों को विचार के केंद्र में रखते हैं।

‘हम दलित नहीं’ शीर्षक स्वयं सामाजिक पहचान और उस पहचान से जुड़ी रूढ़ धारणाओं पर गंभीर विचार का संकेत देता है। संग्रह की रचनाओं में आत्मसम्मान, सामाजिक चेतना, प्रतिरोध और परिवर्तन की आकांक्षा प्रमुख रूप से दिखाई देती है।

मनोहर लाल ‘प्रेमी’ की यह कृति उन पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो आंबेडकरवादी विचार, सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज के प्रश्नों को साहित्य के माध्यम से समझना चाहते हैं।

पुस्तक : हम दलित नहीं
लेखक : मनोहर लाल ‘प्रेमी’
विधा : काव्य संग्रह
प्रकाशक : आंबेडकरवादी साहित्य प्रकाशन
मूल्य : ₹60

ऑर्डर संबंधी सूचना: न्यूनतम ₹300 की पुस्तकों का ऑर्डर आवश्यक है। डाक खर्च अलग से देय होगा।

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