धम्म, अधम्म और सद्धम्म
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‘धम्म, अधम्म और सद्धम्म’ डॉ. बी.आर. बुद्धप्रिय द्वारा संपादित पुस्तक है, जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की कृति ‘बुद्ध और उनका धम्म’ के आधार पर धम्म, अधम्म और सद्धम्म की अवधारणाओं को सरल एवं समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करती है।
विवरण
‘धम्म, अधम्म और सद्धम्म’ डॉ. बी.आर. बुद्धप्रिय द्वारा संपादित एक वैचारिक एवं अध्ययनपरक पुस्तक है, जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की महत्त्वपूर्ण कृति ‘बुद्ध और उनका धम्म’ को आधार बनाकर धम्म की मूल अवधारणा को समझने का प्रयास करती है।
इस पुस्तक का केंद्रीय विषय यह है कि धम्म को केवल धार्मिक आस्था, कर्मकांड या परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि नैतिक जीवन, सामाजिक उत्तरदायित्व, समता और मानवीय संबंधों के आधार पर समझा जाना चाहिए। डॉ. आंबेडकर ने बुद्ध के धम्म को मानव जीवन और समाज के नैतिक पुनर्निर्माण से जोड़ा था। इसी दृष्टि को केंद्र में रखते हुए पुस्तक में धम्म, अधम्म और सद्धम्म के बीच के अंतर को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
अधम्म उन विचारों और सामाजिक व्यवस्थाओं की ओर संकेत करता है, जो मनुष्य के बीच असमानता, भेदभाव, अन्याय और वर्चस्व को बढ़ावा देते हैं। इसके विपरीत सद्धम्म वह दृष्टि है, जो मनुष्य को नैतिकता, प्रज्ञा, करुणा, समता और सामाजिक न्याय की ओर ले जाती है।
पुस्तक में बुद्ध के धम्म को डॉ. आंबेडकर की सामाजिक एवं मानवीय दृष्टि के संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया है। इसमें धम्म को व्यक्ति के साथ-साथ समाज के निर्माण की आधारभूमि के रूप में देखा गया है। समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, न्याय, प्रज्ञा और करुणा जैसे मूल्यों को धम्म की व्यावहारिक अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है, जो बुद्ध-दर्शन, आंबेडकर-दर्शन और धम्म की सामाजिक भूमिका को गंभीरता से समझना चाहते हैं। विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों तथा आंबेडकरवादी विचार में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह एक उपयोगी अध्ययन-सामग्री है।
शीर्षक : धम्म, अधम्म और सद्धम्म
संपादक : डॉ. बी.आर. बुद्धप्रिय
आधार : डॉ. भीमराव आंबेडकर की कृति ‘बुद्ध और उनका धम्म’ पर आधारित संपादित संस्करण
विधा : संपादित पुस्तक
प्रकाशक : आंबेडकरवादी साहित्य प्रकाशन
मूल्य : ₹100
ऑर्डर संबंधी सूचना: न्यूनतम ₹300 की पुस्तकों का ऑर्डर आवश्यक है। डाक खर्च अलग से देय होगा।





