आंबेडकरवादी साहित्य
आंबेडकर-दर्शन पर आधारित वैचारिक, आलोचनात्मक एवं शोधपरक त्रैमासिक हिंदी पत्रिका
खंड 6, अंक 1 | जनवरी–मार्च 2026
अंक परिचय
यह अंक आंबेडकरवादी चिंतन की वैचारिक स्पष्टता, अध्ययन की अनिवार्यता तथा समकालीन सामाजिक-वैचारिक प्रश्नों के गंभीर परीक्षण पर केंद्रित है। इसमें प्रकाशित शोध-पत्र, वैचारिक लेख, आलोचनात्मक हस्तक्षेप और साहित्यिक रचनाएँ आंबेडकरवादी साहित्य की अवधारणा को अनुशासित वैचारिक आधार प्रदान करती हैं। यह अंक प्रतिरोध की भावुक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि अध्ययन, विवेक और पुनर्रचना की दृष्टि को केंद्र में रखता है।
विषय-सूची
संपादकीय : आंबेडकरवादी साहित्य : प्रतिरोध नहीं, पुनर्रचना का अनुशासन
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
आंबेडकरवादी साहित्य : अवधारणा, सीमा और प्रतिमान
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
आंबेडकरवादी चेतना का काव्यात्मक रूप : दामोदर मोरे का अध्ययन
— डॉ. तात्याराव सूर्यवंशी
श्यामलाल राही की गजलों में प्रतिरोध, राजनीतिक विडंबना और आंबेडकरवादी चेतना का स्वर
— डॉ. दुर्गेश कुमार राय
इक्कीसवीं सदी की आंबेडकरवादी आत्मकथाओं में अनुभव का वैचारिक रूपांतरण
— नीरू देवी / डॉ. दुर्गेश कुमार राय
बुद्ध शरण हंस के कहानी-साहित्य में आंबेडकरवादी चेतना : एक आलोचनात्मक अध्ययन
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
नाम ज्यादा, समझ कम : संविधान, समाज और हमारा समय
— डॉ. बी.आर. बुद्धप्रिय
चमड़ा बाजार
— श्याम लाल राही
(कहानी)
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महत्वपूर्ण सूचना
आंबेडकरवादी साहित्य एक स्वतंत्र अकादमिक त्रैमासिक हिंदी पत्रिका है, जिसका प्रकाशन वर्ष 2021 से निरंतर हो रहा है।
प्रिंट संस्करण का ISSN: 3108-107X
ऑनलाइन संस्करण हेतु ISSN आवेदनाधीन
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