आंबेडकर का मिशन और समकालीन भारत

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डॉ. बी. आर. बुद्धप्रिय का निबंध-संग्रह ‘आंबेडकर का मिशन और समकालीन भारत’ आंबेडकर-दर्शन, सामाजिक न्याय, समानता, लोकतंत्र और समकालीन भारतीय समाज के प्रश्नों पर केंद्रित महत्वपूर्ण कृति है।

विवरण

‘आंबेडकर का मिशन और समकालीन भारत’ डॉ. बी. आर. बुद्धप्रिय का निबंध-संग्रह है, जिसमें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक, वैचारिक और मानवीय मिशन को समकालीन भारतीय समाज के संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया है। पुस्तक का केंद्रीय सरोकार यह है कि आंबेडकर के विचार केवल इतिहास का विषय नहीं हैं, बल्कि आज के भारत की सामाजिक संरचना, लोकतांत्रिक व्यवस्था और समानता के प्रश्नों को समझने के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।

पुस्तक में आंबेडकर के विचारों को सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के व्यापक संदर्भ में देखा गया है। लेखक समकालीन भारत की सामाजिक परिस्थितियों और उनमें मौजूद असमानताओं, भेदभाव तथा वंचना के विभिन्न रूपों को आंबेडकर के विचारों की कसौटी पर समझने का प्रयास करते हैं।

आंबेडकर का मिशन केवल किसी एक समुदाय की मुक्ति तक सीमित नहीं था। उनका लक्ष्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना था, जिसमें मनुष्य की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व प्राप्त हो। इसी व्यापक दृष्टि के साथ पुस्तक आंबेडकर के चिंतन और वर्तमान भारतीय समाज के बीच संबंध स्थापित करती है।

पुस्तक में बुद्ध और उनके धम्म से आंबेडकर के संबंध, सामाजिक परिवर्तन की उनकी दृष्टि, शिक्षा और संगठन का महत्व, लोकतंत्र की अवधारणा तथा समतामूलक समाज के निर्माण की आवश्यकता जैसे विषयों पर भी विचार किया गया है। इन विषयों के माध्यम से पाठक आंबेडकर के मिशन को वर्तमान संदर्भ में समझ सकता है।

‘आंबेडकर का मिशन और समकालीन भारत’ उन पाठकों के लिए उपयोगी पुस्तक है, जो आंबेडकर-दर्शन, सामाजिक परिवर्तन, लोकतंत्र, समानता और समकालीन भारतीय समाज के प्रश्नों को गंभीर वैचारिक दृष्टि से समझना चाहते हैं।

पुस्तक : आंबेडकर का मिशन और समकालीन भारत
लेखक : डॉ. बी. आर. बुद्धप्रिय
विधा : निबंध-संग्रह
प्रकाशक : आंबेडकरवादी साहित्य प्रकाशन
मूल्य : ₹120

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