आंबेडकरवादी चेतना का काव्यात्मक रूप : दामोदर मोरे का अध्ययन

– डाॅ० तात्याराव सूर्यवंशी शोध सारांश प्रस्तुत आलेख में दामोदर मोरे की कविताओं में निहित आंबेडकरवादी दृष्टि का विश्लेषण किया गया है। मोरे की काव्य-दृष्टि सामाजिक यथार्थ से सीधे टकराती है और जाति, वर्ण, मनुवाद, धार्मिक पाखंड तथा सांस्कृतिक वर्चस्ववाद के विरुद्ध वैचारिक प्रतिरोध का स्वर प्रस्तुत करती है। उनकी कविताएँ केवल करुणा या पीड़ा … आगे पढें