‘आंबेडकरवादी साहित्य’ के आरंभ (वर्ष 2021) से वर्तमान तक प्रकाशित सभी संपादकीय लेखों का यह क्रमबद्ध संग्रह है। पत्रिका के संपादक देवचंद्र भारती ‘प्रखर’ द्वारा लिखित ये संपादकीय लेख पत्रिका की वैचारिक दृष्टि, उद्देश्य और साहित्यिक सरोकारों को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करते हैं। इन लेखों में आंबेडकरवाद और आंबेडकरवादी साहित्य को सम्यक रूप में प्रस्तुत और विश्लेषित किया गया है तथा आंबेडकर-दर्शन और बुद्ध-धम्म के आधार पर साहित्य, समाज, धर्म और राजनीति से जुड़े विभिन्न प्रश्नों को समझा और परखा गया है।
इन संपादकीय लेखों में आंबेडकरवादी साहित्य की प्रकृति और उसकी वैचारिक पहचान के साथ साहित्य की सामाजिक भूमिका तथा समकालीन सामाजिक प्रश्नों पर विचार किया गया है। साथ ही धर्म, संस्कृति और राजनीति से जुड़े प्रश्नों तथा सामाजिक परिस्थितियों का आंबेडकरवादी दृष्टि से विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ये लेख केवल तत्कालीन विषयों पर संपादकीय टिप्पणी नहीं, बल्कि ‘आंबेडकरवादी साहित्य’ पत्रिका की निरंतर विकसित होती वैचारिक दिशा और साहित्यिक दृष्टि के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।
यह पृष्ठ अब तक प्रकाशित संपादकीय लेखों को एक स्थान पर उपलब्ध कराता है, जिससे पाठक पत्रिका की वैचारिक यात्रा, संपादकीय दृष्टि और आंबेडकरवादी साहित्य संबंधी चिंतन को क्रमशः समझ सकें।
पत्रिका में प्रकाशित संपादकीय लेख नीचे क्रमबद्ध रूप में दिए गए हैं। प्रत्येक शीर्षक पर क्लिक करके संबंधित लेख पढ़ा जा सकता है।