GOAL — आंबेडकरवादी साहित्य का विद्वत्-मंडल यह स्पष्ट करना आवश्यक समझता है कि आंबेडकरवादी साहित्य केवल लेखन या प्रकाशन की गतिविधि नहीं, बल्कि एक वैचारिक उत्तरदायित्व है। इस साहित्य की भूमिका सामाजिक न्याय, समता, बौद्धिक ईमानदारी और मानव-गरिमा के मूल्यों को स्पष्ट और सुरक्षित रखना है।
वर्तमान समय में आंबेडकरवादी साहित्य के नाम पर सरलीकरण, वैचारिक मिश्रण और संदर्भविहीन व्याख्याओं की प्रवृत्तियाँ दिखाई देती हैं। ऐसे प्रसंगों में GOAL का दायित्व किसी संगठनात्मक हस्तक्षेप का नहीं, बल्कि दिशा-सूचक बौद्धिक स्पष्टता प्रदान करने का है।
GOAL यह भी स्पष्ट करता है कि उसका स्वरूप किसी प्रकार के जन-संगठन, अभियान अथवा कार्यकर्ता-समूह का नहीं है। यह विद्वत्-मंडल आवेदन, सदस्यता, नियमित बैठक या वार्षिक अधिवेशन की पद्धति पर आधारित नहीं है। इसका कार्य-क्षेत्र अवसर-आधारित वैचारिक हस्तक्षेप, लिखित वक्तव्य और आवश्यक अनुमोदन तक सीमित है।
GOAL का उद्देश्य किसी वैचारिक क्षेत्र पर आधिपत्य स्थापित करना नहीं, बल्कि आंबेडकरवादी साहित्य को बुद्ध–आंबेडकर की वैचारिकी के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और उत्तरदायी बनाए रखना है। जहाँ आवश्यकता होगी, GOAL मौन के माध्यम से भी अपनी जिम्मेदारी निभाना स्वीकार करता है।
यह वक्तव्य GOAL की वैचारिक स्थिति और कार्य-स्वरूप को स्पष्ट करने हेतु जारी किया जा रहा है।
— GOAL
आंबेडकरवादी साहित्य का विद्वत्-मंडल