आंबेडकरवाद और ब्राह्मणवाद : वैचारिक संघर्ष तथा आंतरिक चेतना का प्रश्न
आंबेडकरवादी आंदोलन की वैचारिक स्पष्टता के लिए ब्राह्मणवाद की सटीक समझ अनिवार्य है। जब तक ब्राह्मणवाद को केवल जाति–सूचक शब्द मानकर देखा जाता रहेगा, तब तक आंबेडकरवाद का संघर्ष अधूरा और भ्रमग्रस्त बना रहेगा। यह लेख इसी वैचारिक अस्पष्टता को समाप्त करने तथा आंबेडकरवादी दृष्टि से ब्राह्मणवाद की संरचनात्मक परिभाषा प्रस्तुत करने के उद्देश्य से … आगे पढें