आंबेडकरवादी साहित्य प्रकाशन : स्वरूप, उद्देश्य और कार्य-दृष्टि
आंबेडकरवादी साहित्य प्रकाशन किसी जनसंगठन, अभियान या सदस्यता-आधारित संस्था के रूप में स्थापित नहीं है। इसका स्वरूप मूलतः एक वैचारिक-संपादकीय और प्रकाशन-केंद्र का है। इसका उद्देश्य भीड़-संचालन नहीं, बल्कि विचार-संरचना है; भावनात्मक उत्तेजना नहीं, बल्कि बौद्धिक स्पष्टता है। आज जब साहित्य के नाम पर वैचारिक अस्पष्टता, मिथ्या आरोपण और ऐतिहासिक भ्रम फैलाए जाते हैं, तब … आगे पढें