आंबेडकरवादी साहित्य परिषद की यह नामावली आंबेडकरवादी साहित्य की वैचारिक स्पष्टता, बौद्धिक अनुशासन और आलोचनात्मक परंपरा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की गयी है। इसमें उन साहित्यकारों, चिंतकों और विद्वानों का उल्लेख किया गया है, जिनकी सक्रिय बौद्धिक भागीदारी आंबेडकरवादी दृष्टि को समकालीन संदर्भों में स्पष्ट और प्रभावी बनाती है।
यह परिषद् औपचारिक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि वैचारिक मार्गदर्शन प्रदान करने वाले विद्वत्-मंडल के रूप में अभिप्रेत है। इसका उद्देश्य आंबेडकरवादी साहित्य के स्वरूप, दिशा और मानकों पर गंभीर विमर्श को प्रोत्साहित करना तथा वैचारिक स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप करना है।
नामावली आवश्यकता, सहमति और बौद्धिक सहभागिता के आधार पर अद्यतन की जाती है, ताकि परिषद् की संरचना सक्रिय, प्रासंगिक और वैचारिक रूप से संतुलित बनी रहे।
आंबेडकरवादी साहित्य परिषद
Ambedkarite Literature Council (ALC)
1. देवचंद्र भारती ‘प्रखर’ (संयोजक)
प्रधान संपादक, आंबेडकरवादी साहित्य
2. प्रा. दामोदर मोरे
सह-प्राध्यापक एवं पूर्वाध्यक्ष, मराठी विभाग, जोशी-वेडेकर महाविद्यालय, ठाणे (महाराष्ट्र)
3. डाॅ. नविला सत्यादास
सेवानिवृत्त सह-प्राध्यापिका एवं विभागाध्यक्ष
राजकीय महेंद्र महाविद्यालय, पटियाला, पंजाब
4. डाॅ. प्रीति आर्या
प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, एस.एस.जे. विश्वविद्यालय परिसर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड
5. डॉ. गोरख निळोबा बनसोडे
प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, हिंदी विभाग
सरदार बाबा साहेब माने महाविद्यालय, कोरेगांव, सातारा, महाराष्ट्र
6. डॉ. रमेश कुमार
सह-प्राध्यापक, हिंदी विभाग
जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
स्पष्ट सूचना
आंबेडकरवादी साहित्य परिषद (ALC) में— न तो सदस्यता ली जाती है, न ही सार्वजनिक प्रोफाइल प्रणाली अपनाई जाती है। यहाँ उल्लिखित नाम किसी औपचारिक पद या संगठनात्मक उत्तरदायित्व का संकेत नहीं देते, बल्कि वैचारिक सहभागिता और बौद्धिक विश्वसनीयता को सूचित करते हैं। आंबेडकरवादी साहित्य परिषद (ALC) संख्या से नहीं, विवेक और मौन से पहचानी जाती है।
आंबेडकरवादी साहित्य परिषद के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए देखें 👇