आंबेडकरवादी साहित्य (ऑनलाइन)
खंड 1, अंक 1 | जनवरी–मार्च 2026
ISSN: Applied for (January 2026)
🔹अंक परिचय
यह अंक आंबेडकरवादी चिंतन की वैचारिक स्पष्टता, अध्ययन की अनिवार्यता और समकालीन सामाजिक-वैचारिक प्रश्नों के विश्लेषण पर केंद्रित है। इसमें चयनित शोध-पत्र, वैचारिक लेख और एक साहित्यिक रचना सम्मिलित हैं, जो विचार और अभिव्यक्ति के अनुशासित स्वरूप को प्रस्तुत करते हैं।
🔹 सामग्री (Contents)
1. 🔗 संपादकीय : आंबेडकरवादी साहित्य : प्रतिरोध नहीं, पुनर्रचना का अनुशासन
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
यह संपादकीय आंबेडकरवादी साहित्य को केवल प्रतिरोध नहीं, बल्कि पुनर्रचना के अनुशासन के रूप में स्थापित करता है। इसमें अध्ययन और वैचारिक स्पष्टता की अनिवार्यता पर बल दिया गया है।
2. 🔗 आंबेडकरवादी साहित्य : अवधारणा, सीमा और प्रतिमान
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
आंबेडकरवादी साहित्य की अवधारणा, उसकी वैचारिक सीमा और प्रतिमानों का विश्लेषण
3. 🔗 आंबेडकरवादी चेतना का काव्यात्मक रूप : दामोदर मोरे का अध्ययन
— डॉ. तात्याराव सूर्यवंशी
दामोदर मोरे के काव्य में आंबेडकरवादी चेतना के स्वरूप का विश्लेषण
4. 🔗 श्यामलाल राही की गजलों में प्रतिरोध, राजनीतिक विडंबना और आंबेडकरवादी चेतना का स्वर
— डॉ. दुर्गेश कुमार राय
गजल-साहित्य के माध्यम से वैचारिक अभिव्यक्ति का विश्लेषण
5. 🔗 इक्कीसवीं सदी की आंबेडकरवादी आत्मकथाओं में अनुभव का वैचारिक रूपांतरण
— नीरू देवी / डॉ. दुर्गेश कुमार राय
आत्मकथात्मक लेखन में अनुभव और विचार के संबंध का विश्लेषण
6. 🔗 बुद्ध शरण हंस के कहानी-साहित्य में आंबेडकरवादी चेतना : एक आलोचनात्मक अध्ययन
— देवचंद्र भारती ‘प्रखर’
कहानी-साहित्य में वैचारिक संरचना का अध्ययन
7. 🔗 नाम ज्यादा, समझ कम : संविधान, समाज और हमारा समय
— डॉ. बी.आर. बुद्धप्रिय
समकालीन सामाजिक-राजनीतिक स्थिति का आलोचनात्मक विश्लेषण
8. 🔗 चमड़ा बाजार
— श्याम लाल राही
कहानी
🔹 महत्वपूर्ण सूचना
यह ऑनलाइन संस्करण एक स्वतंत्र अकादमिक पत्रिका है। इसका खंड-क्रम प्रिंट संस्करण से भिन्न है।
ISSN आवेदनाधीन (जनवरी 2026)
🔹 प्रिंट संस्करण
आंबेडकरवादी साहित्य (प्रिंट)
खंड 6, अंक 1 (जनवरी-मार्च 2026)